Hindi Shayari
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कश्ती के मुसाफिर ने समन्दर नहीं देखा,
आँखों को देखा पर दिल मे उतर कर नहीं देखा,
पत्थर समझते है मेरे चाहने वाले मुझे,
हम तो मोम है किसी ने छूकर नहीं देखा।
आँखों को देखा पर दिल मे उतर कर नहीं देखा,
पत्थर समझते है मेरे चाहने वाले मुझे,
हम तो मोम है किसी ने छूकर नहीं देखा।
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